विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं में सदस्य संख्या ------- भारतीय संविधान के अनुसार एक विधानसभा सदस्य एक न...
विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं में सदस्य संख्या-------
भारतीय संविधान के अनुसार एक विधानसभा सदस्य एक निश्चित
विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं,
जिनका चुनाव आम जनता मतदान के द्वारा करती है| वर्तमान समय में
विधानसभा सदस्यों की सर्वाधिक संख्या
उत्तर प्रदेश (403) में और सबसे कम संख्या पुदुचेरी (30) में है|
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क्र.सं.
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राज्य/केन्द्रशासित प्रदेश का नाम
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राज्य की राजधानी
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विधानसभा सीटों की संख्या
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1.
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आन्ध्र प्रदेश
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हैदराबाद
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175
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2.
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अरुणाचल प्रदेश
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ईटानगर
|
60
|
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3.
|
असम
|
दिसपुर
|
126
|
|
4.
|
बिहार
|
पटना
|
243
|
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5.
|
छत्तीसगढ़
|
रायपुर
|
90
|
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6.
|
दिल्ली
|
नयी दिल्ली
|
70
|
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7.
|
गोवा
|
पणजी
|
40
|
|
8.
|
गुजरात
|
गांधीनगर
|
182
|
|
9.
|
हरियाणा
|
चंडीगढ़
|
90
|
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10.
|
हिमाचल प्रदेश
|
शिमला
|
68
|
|
11.
|
जम्मू और
कश्मीर
|
श्रीनगर
|
87
|
|
12.
|
झारखण्ड
|
रांची
|
81
|
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13.
|
कर्नाटक
|
बेंगलुरु
|
225
|
|
14.
|
केरल
|
तिरुवनंतपुरम
|
141
|
|
15.
|
मध्य प्रदेश
|
भोपाल
|
230
|
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16.
|
महाराष्ट्र
|
मुंबई
|
288
|
|
17.
|
मणिपुर
|
इम्फाल
|
60
|
|
18.
|
मेघालय
|
शिलोंग
|
60
|
|
19.
|
मिज़ोरम
|
आइज़ोल
|
40
|
|
20.
|
नागालैण्ड
|
कोहिमा
|
60
|
|
21.
|
ओडिशा
|
भुवनेश्वर
|
147
|
|
22.
|
पुदुच्चेरी
|
पुदुच्चेरी
|
30
|
|
23.
|
पंजाब
|
चंडीगढ़
|
117
|
|
24.
|
राजस्थान
|
जयपुर
|
200
|
|
25.
|
सिक्किम
|
गंगटोक
|
32
|
|
26.
|
तमिलनाडु
|
चेन्नई
|
235
|
|
27.
|
तेलंगाना
|
हैदराबाद
|
119
|
|
28.
|
त्रिपुरा
|
अगरतला
|
60
|
|
29.
|
उत्तराखंड
|
देहरादून
|
71
|
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30.
|
उत्तर प्रदेश
|
लखनऊ
|
403
|
|
31.
|
पश्चिम बंगाल
|
कोलकाता
|
295
|
- विधान सभा में अनुच्छेद 333 के तहत राज्यपाल को यह अधिकार है कि (यदि विधानसभा में कोई एंग्लो इंडियन चुनाव नहीं जीता है) वह 1 एंग्लो इंडियन को सदन में चुनकर भेज सकता है। वर्तमान में बिहार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, झारखंड, उत्तराखंड और केरल जैसे राज्यों में विधान सभा के लिए एंग्लो इंडियन समुदाय का एक-एक सदस्य नामित है।
विधान सभा की विशेष शक्तियां----
सरकार
के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव केवल विधान सभा में पारित किया जा सकता
है। अगर यह बहुमत के साथ पारित हो जाता है तो उसके बाद मुख्यमंत्री और उसके
मंत्रियों की परिषद् सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देते हैं।
मनी
बिल को
केवल विधानसभा में लाया जा सकता है। द्विसदनीय प्रणालियों में विधान सभा
से पास हो जाने के बाद इसे विधान परिषद् के पास भेजा जाता है जहाँ इसे अधिकतम
14 दिनों
के लिए रखा जा सकता है।
साधारण बिलों में विधान सभा का ही मत चलता है और यहाँ संयुक्त बैठक का भी कोई प्रावधान नहीं होता। इस तरह के मामलों में, विधान परिषद् विधानसभा को केवल 4 महीनों (बिल लाने पर पहली बार 3 महीनों के लिए व दूसरी बार 1 महीनों के लिए) स्थगित किया जा सकता है। |
विभिन्न राज्यों की
विधानसभा एवं विधानपरिषद के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण जानकारी -----
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विधानसभा (निम्न सदन)
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विधानपरिषद (उच्च सदन)
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सदस्य
संख्या 60-500 तक
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सदस्य
संख्या विधानसभा सदस्यों की कुल संख्या के एक-तिहाई से कम
|
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इसके
संचालनकर्ता को “स्पीकर” कहा जाता
है|
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इसके संचालनकर्ता को “चेयरमैन” कहा जाता
है|
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इसके सदस्य
जनता द्वारा सीधे चुने जाते हैं|
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इसके 1/3 सदस्य
विधानसभा सदस्यों द्वारा,
1/3 सदस्य स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों द्वारा, 1/12 सदस्य शिक्षकों द्वारा एवं 1/12 सदस्य
स्नातकों द्वारा चुने जाते हैं|
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इसके
सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष का
होता है|
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इसके सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष का
होता है एवं प्रत्येक 2 वर्ष के बाद एक-तिहाई सदस्य
अवकाश प्राप्त करते हैं|
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वर्तमान
में सभी 29 राज्यों एवं दिल्ली तथा
पुदुचेरी में विधानसभा कार्यरत है|
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वर्तमान
में केवल 7 राज्यों महाराष्ट्र, उत्तर
प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, कर्नाटक
एवं जम्मू-कश्मीर में विधानपरिषद्
कार्यरत है|
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इसके
सदस्यों को MLA कहा जाता है|
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इसके सदस्यों को MLC कहा जाता
है|
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