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हिन्दी व्याकरण (भाग-6)

सर्वनाम, सर्वनामों की रुप रचना



सर्वनाम
       संज्ञाओं के बदले प्रयोग मे आने वाले सभी शब्द सर्वनाम कहलाते हैं सर्वनाम का अर्थ हैसबका नाम अर्थात जो सबका नाम हैवह सर्वनाम है जैसेवह, तुम, में, हम 
सर्वनाम के भेद
. पुरुषवाचक - मैं, हम, तुम, वह            . निश्चयवाचकयह, ये, वह, वे
. अनिश्चयवाचककोई और कुछ, जिसे, जो   . सम्बन्धवाचककौन और क्या
. निजवाचकआप (स्वयं, खुद)
पुरुषवाचक सर्वनाम - कहने वाले, सुनने वाले अथवा जिसके बारे में बात कर रहे हों, उसके बदले प्रयोग में आने वाले शब्द पुरुषवाचक सर्वनाम कहलाते हैं
जैसेकहने वाला                        - मैं, हम
          सुनने वाला                       - तू, तुम
          अन्य जिसके बारे में बात होवह, वे 


पुरुषवाचक सर्वनाम के भेद  
.        उत्तम पुरुष - जिस सर्वनाम को बोलने वाला अपने लिए प्रयुक्त करे, वह उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम कहलाता है जैसेमैं, हम 
.        मध्यम पुरुषजिस सर्वनाम को बोलने वाला सुनने वाले के लिए प्रयुक्त करे, उसे मध्यम पुरुष वाचक सर्वनाम कहते हैं जैसेतू, तुम, आप 
.        अन्य पुरुष जिस सर्वनाम को बोलने वाला अन्य पुरुष के लिए प्रयुक्त करे, वह अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम कहलाता है जैसेवह, वे 
निश्चयवाचक सर्वनाम - जो सर्वनाम किसी निश्चित व्यक्ति अथवा वस्तु के बदले प्रयुक्त हो, उसे निश्चयवाचक सर्वनाम कहते है जैसेतुम्हारा पैन तो यह है, वह नही
       यहाँयह’, ‘वहशब्द निश्चयवाचक सर्वनाम है, क्योंकि यह और वह शब्द निश्चितपैनके लिए प्रयुक्त शब्द हैं, अतएव ये निश्चय वाचक सर्वनाम हैं
अनिश्चयवाचक सर्वनाम जो सर्वनाम किसी निश्चित वस्तु या प्राणी के बदले प्रयुक्त होकर अनिश्चित व्यक्ति या वस्तु के लिए प्रयुक्त किया जाए, वह अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहलाता है
जैसे – () यहाँ कोई आया था () वह मेरे लिए कुछ लाया था
यहाँ कोई, और कुछ शब्द अनिश्चय वाचक सर्वनाम हैं  
सम्बन्धवाचक सर्वनाम - जो सर्वनाम शब्द वाक्य में किसी दूसरे सर्वनाम शब्द से सम्बन्ध बताता है, वह सम्बन्ध वाचक सर्वनाम कहलाता हैं
जैसे – () जो जैसा करता है, वह (सो) वैसा भरता है
          () जैसी करनी वैसी भरनी
यहाँजो’, ‘सो’, ‘जैसी’, ‘वैसीशब्द सम्बन्ध वाचक सर्वनाम है  
प्रश्नवाचक सर्वनाम -   जो सर्वनाम पद प्रश्नवाचक शब्द के रुप में किसी संज्ञा शब्द के बदले प्रयोग में लाया गया हो, उसे प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते है   
जैसे – () यहाँ कौन आया था?
          () वह क्या लाया था?
यहाँकौनऔरक्याशब्द प्रश्नवाचक सर्वनाम है
निजवाचक सर्वनाम - जो सर्वनामनिजया अपने आप के लिए प्रयुक्त हो, उन्हैं निजवाचक सर्वनाम कहते है    
जैसे – () वह अपना काम आप करता है
          () तुम अपने आप चले जाओ
          () आप किसी को भेजिये नही, मैं आप (स्वयं) जाऊगाँ
यहाँआपशब्द निजवाचक सर्वनाम हैं
पुरुषवाचक सर्वनाम के रुप
उत्तम पुरुषमैंशब्द के रुप
कारक
एकवचन 
बहुवचन
कर्ता
मैं, मैंने
हम, हमने, हम लोग
कर्म 
मुझे, मुझको
हमें, हमको, हम लोगों को
करण
मुझसे
हमसे
सम्प्रदान
मेरे लिए
हमारे लिए
अपादान
मुझसे
हमसे
सम्बन्ध
मेरा, मेरे, मेरी
हमारा, हमारे, हमारी
अधिकरण
मुझमें, मुझ पर 
हममें, हम पर
विशेषसर्वनाम शब्दों का सम्बोधन नही होता  
मध्यम पुरुषतूशब्द के रुप
कारक
एकवचन 
बहुवचन
कर्ता
तू, तुने 
तुम, तुमने, तुम लोग
कर्म
तुझको, तुझे 
तुमको, तुम्हें, तुम लोगों को
करण
तुझसे, तेरे द्वारा
तुमसे, तुम्हारे द्वारा
सम्प्रदान
तेरे लिए
तुम्हारे लिए
अपादान
तुझसे
तुमसे
सम्बन्ध
तेरा, तेरे, तेरी
तुम्हारा, तुम्हारे, तुम्हारी
अधिकरण
तुझमे, तुझ पर
तुममें, तुम पर

अन्य पुरुषवहशब्द के रुप
कारक
एकवचन 
बहुवचन
कर्ता
वह, उसने
वे, उन्होंने
कर्म
उसको, उसे
उनको, उन्हें
करण
उससे 
उनसे
सम्प्रदान
उसके लिए
उनके लिए
अपादान
उससे
उनसे
सम्बन्ध
उसका, उसके, उसकी
उनका उनके, उनकी
अधिकरण
उसमें, उसपर
उनमें उन पर 

निश्चयवाचक सर्वनाम केयहशब्द के रुप
कारक
एकवचन 
बहुवचन
कर्ता  
यह, इसने
ये, इन्होंने
कर्म
इसको, इसे 
इनको
करण
इससे, इसके द्वारा
इनसे (द्वारा)
सम्प्रदान
इसके लिए
इनके लिए
अपादान
इससे
इनसे
सम्बन्ध
इसका, इसके, इसकी
इनका, इनके, इनकी
अधिकरण
इसमें, इस पर
इनमें, इन पर 

अनिश्चयवाचककोईशब्द के रुप
कारक
एकवचन 
बहुवचन
कर्ता  
कोई, किसी ने 
किन्हीं ने
कर्म
किसी को
किन्हीं को
करण
किसी से, किसी के द्वारा
किन्हीं से, किन्हीं के द्वारा
सम्प्रदान
किसी के लिए
किन्हीं के लिए
अपादान
किसी से
किन्हीं से
सम्बन्ध
किसी का, के, की
किन्हीं का, के, की
अधिकरण
किसी में, किसी पर
किन्हीं में, किन्हीं पर 

प्रश्नवाचककौनशब्द के रुप
कारक
एकवचन 
बहुवचन
कर्ता  
कौन, किसने
किन्होंने, कौन
कर्म
किसको, किसे
किनको, किन्हें
करण
किससे, किसके द्वारा
किनसे, किन लोगों से
सम्प्रदान
किसके लिए
किनके लिए, किनको
अपादान
किससे
किनसे
सम्बन्ध
किसका, किसके
किनका, किनके, किनकी
अधिकरण
किसमें, किस पर
किन में, किन पर

सम्बन्धवाचकजोशब्द के रुप
कारक
एकवचन 
बहुवचन
कर्ता  
जो, जिसने
जिन्होंने
कर्म
जिसको, जिसे
जिनको, जिन्हें
करण
जिससे, जिसके द्वारा
जिनसे, जिनके द्वारा
सम्प्रदान
जिसके लिए
जिनके लिए
अपादान
जिससे
जिनसे
सम्बन्ध
जिसका, जिसके, जिसकी
जिनका, जिनके, जिनकी
अधिकरण
जिसमें, जिस पर
जिनमें, जिन पर 

निजवाचक सर्वनामआपशब्द के रुप
कर्ता                       आप
कर्म                        अपने को, आपको
करण                      अपने से, आपसे
सम्प्रदान                 अपने लिए, अपने को, आपके लिए
अपादान                 अपने से, आपसे
सम्बन्ध                   अपना, अपनी, अपने
अधिकरण                अपने में, अपने पर, आप में
विशेषसब पुरुषों और वचनों में समान होते है  
आदर सूचकआपमध्यम पुरुष
(दोनों वचनों में समान, नित्य, बहुवचन)
कर्ता                       आप, आपने
कर्म                        आपको         
करण                      आपसे, आपके द्वारा
सम्प्रदान                 आपके लिए, को
अपादान                 आपसे
सम्बन्ध                   आपका, आपके, आपकी
अधिकरण                आप में, आप पर 

सर्वनामों की रुप रचना
.            मैं’, ‘तू’, ‘वह’, ‘वेआदि सर्वनामों में स्त्रीलिंग और पुल्लिंग में परिवर्तन नही होता   दोनों लिगों में       इनका प्रयोग एक ही रुप में होता है लिंग की पहचान क्रिया से होती है
जैसे –           मैं जाता हूँ                      (पुल्लिंग)
                    मैं जाती हूँ                      (स्त्रीलिंग)
                    वह हँसता है                   (पुल्लिंग)
                    वह हँसती है                   (स्त्रीलिंग)
.            सर्वनामों में वचन और कारक के आधार पर परिवर्तन होता है
जैसे -            मैं पुस्तक पढ़्ता हूँ           (एकवचन)
                     हम पुस्तक पढ़्ते हैं         (बहुवचन)
                     यह मेरा घर है                 (कारकएकवचन)
                     ये हमारे घर हैं                  (कारकबहुवचन)
.            सर्वनामों में सम्बोधन नही होता
.            एकवचनकुछपरिमाण बोधक है और बहुवचनकुछसंख्याबोधक हैं
 जैसे    पीने के लिए कुछ दूध दीजिए (परिमाण बोधक, एकवचन)
                वह खाने के लिए कुछ सेब लाया (बहुवचन सख्याकारक
.            मध्यम पुरुष एक वचनतूहै ।इसका विशेष प्रयोग प्यार, दुलार, अधिक, आत्मीयता तथा हीनता और बराबर भाव    दिखाने के लिए होता है श्रोता तथा पाठक के लिएतुमका प्रयोग होता है आदर प्रगट करने के लिएआप             शब्द का प्रयोग होता है  
.            मुझ, हम, तुझ, इस, इन, उस, उन, किस, किन में निश्चयार्थी  (ही) के योग से निश्चयार्थक रुप बनते हैमुझी,            हमीं, तुझी, इसी, उसी, उन्हीं, किसी, किन्हीं   
 .            कुछ सर्वनाम पुनरावृत्ति के लिए प्रयोग मे आते है, तब उनके अर्थ में विशिष्टता आती है
जैसे -            जोजो आए, उसे बिठाते जाओ
                     आपने वहाँ क्याक्या देखा?
.            अन्य पुरुष बहुवचन रुप का आदर सूचक होने पर भी एक व्यक्ति के लिए ही प्रयुक्त होता है
जैसे     महात्मा गाँधी महान व्यक्ति थे उन्होंने देश को आजाद कराया यहाँ उन्होंने एक व्यक्ति के लिए ही प्रयुक्त हुआ है  
.            लेखक, कवि, नेता, राजामहाराजा आदि अपने लिएमैंके स्थान पर प्राय; ‘हमका प्रयोग करते है नेताजी     ने कहाहम देश की जनता की सेवा करेगें  
१०.          क्यावर्तमान का प्रयोग कभीकभी विस्मयादिबोधक की तरह किया जाता है । जैसेक्या तुम फेल हो गये

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10 प्रेरणादायक सुविचार,1,31वें संविधान संशोधन से लेकर 60वें संविधान संशोधन तक,1,61वें संविधान संशोधन से लेकर 90वें संविधान संशोधन तक,1,91वें संविधान संशोधन से लेकर 93वें संविधान संशोधन तक,1,अनुच्छेद एवं सम्बन्धित विवरण,1,अब तक IPL के इतिहास में हुआ सुपर ओवर,1,आब्जेक्टिव कम्प्यूटर ज्ञान,2,उत्तर प्रदेश कैबिनेट की सूची,1,उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन,1,उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष,1,उत्तर प्रदेश सामान्य ज्ञान (भाग-एक),1,ऑस्ट्रेलियन ओपन,1,कम्प्यूटर ज्ञान,1,कम्प्यूटर सम्बन्धी महत्वपूर्ण शब्दावली,1,कम्प्यूटर सामान्य ज्ञान,3,केन्द्रशासित प्रदेशों के उप-राज्यपाल,1,केन्द्रीय कैबिनेट की नवीनतम सूची,1,कोरोना वायरस क्या है? कोरोना वायरस के लक्षण,1,क्रिया,1,गज (हाथी) अभयारण्य,1,नारे,1,पहले संविधान संशोधन से लेकर 30वें संविधान संशोधन तक,1,प्रतियोगिता परीक्षाओं हेतु कम्प्यूटर नोट्स,1,प्रमुख मुहावरे व उनके अर्थ,1,प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान एव अभयारण्य,2,प्रमुख राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय दिवसों की सूची,1,प्रमुख लोकोक्तियाँ व उनका अर्थ,3,प्रशासक एवं मुख्यमंत्रियों की सूची,1,प्राचीन भारत का इतिहासः एक परिचय,1,फ्रेंच ओपन,1,बाघ अभयारण्य,1,ब्रिटिश राज मे जनजातीय विद्रोह,1,भारत का राष्ट्रीय आन्दोलन,1,भारत का संवैधानिक विकास,1,भारत के राज्यों के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्रियों की सूची,1,भारतीय अर्थव्यवस्था,1,भारतीय आँकड़े एक झलक,1,भारतीय परिवहन,1,भारतीय भूगोल,1,भारतीय राजव्यवस्था,1,भारतीय संविधान के संशोधन,4,मुहावरे,1,मुहावरे एवं लोकोक्ति में अन्तर,1,यू.एस. ओपन टेनिस – 2019,1,राष्ट्रीय आन्दोलन की महत्वपूर्ण तिथियाँ,1,राष्ट्रीय स्वतन्त्रता आन्दोलन अवधि में बनी महत्वपूर्ण संस्थाएँ,1,राष्ट्रीय स्वतन्त्रता आन्दोलन सम्बन्धी प्रमुख वचन,1,लोकोक्तियाँ (कहावतें),2,विंबलडन ओपन टेनिस,1,विधानपरिषद,1,विधानसभा एवं विधानपरिषद,2,विधानसभाओं में सदस्य संख्या,1,वृत्ति एवं काल,1,संविधान के भाग,1,संसदीय शब्दावली,1,समास,1,सुपर ओवर के नियम,1,सुविचार,1,स्वाधीनता संग्राम से सम्बन्धित पत्र/पत्रिकाएँ एवं पुस्तकें,1,हिन्दी के महत्वपूर्ण साहित्यकार एवं उनकी रचनाएँ,1,हिन्दी व्याकरण,7,IPL टीमों के शब्द संक्षेप,1,
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